पीथमपुर की औद्योगिक नगरी मंगलवार देर रात उस वक्त दहशत में आ गई, जब सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में अचानक भीषण आग भड़क उठी। वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निपटान का काम करने वाली इस कंपनी में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास की फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। करीब 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने आग पर लगभग 90 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया है, लेकिन अंदर ही अंदर अब भी आग सुलग रही है, जिससे खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

घटना मंगलवार रात करीब 9:45 बजे की है। आग इतनी तेजी से फैली कि कंपनी परिसर में रखे केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे। लपटें एक किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। उस समय कंपनी में कार्यरत करीब 10 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग बुझाने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया। लगभग दो दर्जन फायर ब्रिगेड वाहन और करीब 250 पानी के टैंकर मौके पर पहुंचाए गए। लगातार पानी और फोम के जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। हालांकि कंपनी परिसर में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल होने के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिसके चलते फायर टीमों को पूरी रात और अगले दिन तक लगातार काम करना पड़ा।

इस आग की चपेट में आने से पड़ोसी कंपनियों को भी भारी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गलार्ड स्टील लिमिटेड को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। ये दोनों कंपनियां रेलवे और डिफेंस सेक्टर की सप्लाई से जुड़ी हुई हैं, जिससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है और आर्थिक नुकसान का आंकलन अभी बाकी है। इसके अलावा दो अन्य कंपनियों में भी आंशिक नुकसान की सूचना मिली है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल पूरे क्षेत्र को खाली करवाया और आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। पुलिस की टीमों को इलाके में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
आग की चपेट में आकर एक जेसीबी और एक हाइड्रा वाहन भी पूरी तरह जलकर खाक हो गए। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह से बुझ नहीं जाती, तब तक फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर ही तैनात रखा जाएगा। आग बुझने के बाद विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण कर आग लगने के कारणों की जांच करेगी और नुकसान का सटीक आंकलन किया जाएगा।
कंपनी डायरेक्टर के गंभीर आरोप, “आग लगती नहीं, लगाई जाती है”
पीथमपुर की हजारगो वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी में लगी भीषण आग के बाद कंपनी के डायरेक्टर ने मीडिया के सामने आकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले चार वर्षों में यह चौथी बार है जब कंपनी में आग लगी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “आग अपने आप नहीं लगती, बल्कि लगाई जाती है।”
डायरेक्टर ने दावा किया कि इस हादसे में उनका भारी नुकसान हुआ है और कंपनी की लगभग सभी मशीनरी जलकर खाक हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में कई विभागों में शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन अच्युत मिश्रा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस कंपनी में उनकी हिस्सेदारी होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हजारगो वेस्ट मैनेजमेंट में आग की इस घटना को लेकर पड़ोसी कंपनी के मालिक का यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है। उनका पूरा बयान सामने आने के बाद मामले में नई जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
















