भोपाल में मतदाता सूची पर नया विवाद: एक ही घर में 30-40 वोटर, दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए दस्तावेज


भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगा है। दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दस्तावेज सौंपकर एक ही घर में 30-40 वोटर दर्ज होने की शिकायत की।


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भोपाल Updated On :

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मतदाता सूची को लेकर नया विवाद सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि शहर के नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उनका दावा है कि कुछ घरों के पते पर 30 से 40 तक मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जबकि वहां वास्तव में बहुत कम लोग रहते हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दस्तावेज और शपथपत्र सौंपकर जांच की मांग की है।

रतन कॉलोनी में सामने आए कई संदिग्ध मामले

दिग्विजय सिंह सोमवार को भोपाल स्थित राज्य निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज सौंपे जिन्हें उन्होंने “दस्तावेजी साक्ष्य” बताया। उनके मुताबिक यह मामला हाल ही में पूरी हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध करना था।

दिग्विजय सिंह ने बताया कि भोपाल के करोंद इलाके के वार्ड-75 की रतन कॉलोनी में कई घरों के पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि कई घरों में जहां 6 से 8 लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 30 से 40 तक नाम दर्ज हैं।

मकान मालिकों ने दिए शपथपत्र

कांग्रेस नेता ने बताया कि इस मामले में संबंधित मकान मालिकों ने भी शपथपत्र देकर गड़बड़ी की पुष्टि की है।

रतन कॉलोनी के मकान नंबर-21 के मालिक हमीर सिंह यादव के अनुसार उनके घर में केवल चार सदस्य मतदाता हैं, जबकि मतदाता सूची में उनके पते पर करीब 39 से 40 नाम दर्ज हैं। इसी तरह मकान नंबर-10 के मालिक कमलेश कुमार गुप्ता ने भी शपथपत्र में बताया कि उनके घर में करीब 8 वैध मतदाता हैं, लेकिन सूची में लगभग 36 नाम उनके पते से जुड़े हुए हैं।

वहीं मकान नंबर-2 के मालिक पोखन लाल साहू ने कहा कि उनके घर में केवल सात मतदाता हैं, जबकि मतदाता सूची में उनके पते पर करीब 37 नाम दर्ज पाए गए। मकान मालिकों का कहना है कि सूची में दर्ज कई लोगों को वे पहचानते तक नहीं हैं और वे कभी उनके घर पर रहे भी नहीं।

पुनरीक्षण प्रक्रिया पर उठे सवाल

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही हुई है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन करना था, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं किया गया। इसके कारण बड़ी संख्या में कथित फर्जी नाम सूची में शामिल हो गए।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव की निष्पक्षता के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरूरी है।

निर्वाचन आयोग ने जांच का दिया आश्वासन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से औपचारिक शिकायत दर्ज की जाती है, जिसके बाद संबंधित अधिकारी जांच करते हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद मध्यप्रदेश में मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस पूरे मामले में निर्वाचन आयोग की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



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