मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर चल रहा विरोध गुरुवार को अचानक हिंसक हो गया। प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी झड़प हुई। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, वहीं तहसीलदार की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी प्रशासनिक टीम
जानकारी के मुताबिक, केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंची थी। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन बिना उचित पुनर्वास और मुआवजे की स्पष्ट जानकारी दिए लोगों को हटाने का प्रयास कर रहा है।
स्थिति उस समय बिगड़ गई जब विरोध कर रहे कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस बल ने हालात संभालने के लिए भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया।
तहसीलदार की गाड़ी में तोड़फोड़
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तहसीलदार की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। इसके अलावा कुछ निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। घटना के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है।
ग्रामीणों में क्यों है नाराजगी?
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट लंबे समय से बुंदेलखंड क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं में गिना जाता है। सरकार इसे जल संकट और सिंचाई की समस्या के समाधान के रूप में देख रही है, लेकिन परियोजना से प्रभावित गांवों के लोगों में जमीन अधिग्रहण और विस्थापन को लेकर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक पुनर्वास नीति और मुआवजे को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। कई परिवारों का आरोप है कि उनकी खेती और आजीविका पर असर पड़ेगा, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहा।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल छतरपुर के प्रभावित इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।















