मेरा देश बदल रहा है… गांधी के जन्मदिन पर भी उनके हत्यारे का बोलबाला


ऐसे में सवाल यह है कि क्यों नहीं किसी बड़े नेता लोगों से ऐसा न करने की अपील की और सत्तारुढ़ दल के बड़े नेताओं द्वारा क्या महात्मा गांधी का नाम लेना केवल दिखावटी और अंर्तराष्ट्रीय मंच पर सम्मान पाने की हसरत के लिये ही लिया जाता रहा है? 


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सबकी बात Updated On :

देश की फिज़ा किस तरह से बदल रही है इसकी तस्वीर अक्सर सोशल मीडिया साइट्स से साफ हो जाती है। यहां यूजर्स के विचार उनकी सोच के बारे में काफी कुछ बताते हैं और फिलहाल देश के बहुत से लोगों की सोच बहुत अच्छी तो नहीं कही जा सकती है। यही वजह है कि गांधी जयंती के दिन ट्विटर पर नाथू राम गो़डसे जिंदाबाद ट्रेंड कर रहा है।

सुबह जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपिता गांधी की जयंती पर उन्हें याद कर रहे थे, राजघाट पर उन्हें पुष्पांजलि दे रहे थे तो वहीं ट्विटर पर उनके और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बहुत से सर्मथक गांधी के हत्यारे की जय जयकार करते रहे।

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ हिन्दूवादी नेता जहां सुबह गांधी को याद कर रहे थे तो वहीं उनके लोग गांधी के हत्यारे गोडसे को याद कर रहे थे। शाम तक इसे लेकर करीब पौने दो लाख तक ट्वीट हो चुके थे। ट्वीट करने वाले ज्यादातर अकाउंट भाजपा और आरएसएस के समर्थक, हिन्दूवादी ग्रुप्स को फॉलो करने वाले हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि क्यों नहीं किसी बड़े नेता लोगों से ऐसा न करने की अपील की और सत्तारुढ़ दल के बड़े नेताओं द्वारा क्या महात्मा गांधी का नाम लेना केवल दिखावटी और अंर्तराष्ट्रीय मंच पर सम्मान पाने की हसरत के लिये ही लिया जाता रहा है?

ऐसे में एक बात तय है कि अपनी मृत्यु के इतने साल बाद आज भी गांधी देश के सबसे बड़े नेता हैं और कोई नेता सार्वजनिक तौर पर उनकी तारीफ़ किये बिना शायद  खुद को पूरा नहीं समझता।

ट्विटर पर इस दौरान तमाम तरह की बातें लिखी गईं। ट्रेंड होने के लिये हर बार की तरह यहां कई यूजर बेहद अशोभनीय भाषा का भी प्रयोग करते रहे। इसके अलावा लोग गोडसे को गांधी की हत्या के लिए सीधे ही धन्यवाद देते नजर आए।

गांधी जयंती के दिन ट्विटर पर सुबह से रात तक हजारों ट्वीट हो चुके थे। लोग इस दौरान नाथूराम गोडसे को तमाम तरह से महान ठहरा रहे थे। गांधी के जन्मदिन पर उनके हत्यारे की प्रशंसा करने का यह चलन पिछले कुछ दिनों में देश के अंदर लगातार बढ़ा है


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