2011-12 में इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र ने भी मान्यता दी और इसे दुनिया की तीन सर्वश्रेष्ठ जल प्रबंधन परंपराओं में से एक माना, पर हमने इन परंपराओं से कुछ सीखने की जहमत…
अभी आपने पढ़ा था गाँव की "प्रेम-पाती" के शक्ल में गाँव का मार्मिक सन्देश। अब पढ़िए गाँव की उसी चिट्ठी का जवाब सतना से दीपक गौतम की कलम से।
इस संसार में कोई ऐसी आत्मा नहीं है, जो मेरी छुअन या स्पर्श से वंचित हो। तुम हौले से अपने जी के किंवाड़ खोलकर तो देखो, मैं तुम्हारे अंदर न जाने कब से…
राहुल ने दूसरी बात यह कही कि कांग्रेस अगर भाजपा को हरा दे तब भी उससे मुक्त नहीं हो पाएगी। वह इसलिए कि संघ की विचारधारा वाले लोगों का पूरे व्यवस्था-तंत्र पर क़ब्ज़ा…
सरकारों के लिए परिवर्तन एक निरंतर चलने वाली प्रकिया है। इस प्रक्रिया के पूरा करने की कोशिश में कई बार व्यक्ति को ही राष्ट्र बन जाना पड़ता है। स्टेडियम का नया नाम भी…
दिनचर्या और रिश्तों का बबल , धीरे-धीरे विचार का बबल भी तो बन सकता है । इन दिनों लोग एक ही विचार के साथ रहना चाहते हैं। सोशल मीडिया भी इसमें हमारी मदद…
कांग्रेस में अगर ज़रा भी शर्म बची हो और अपनी ही राजनीतिक विचारधारा के प्रति सम्मान बचा हो तो उसे यह फ़ैसला पलटना चाहिए। बाबूलाल से कहना चाहिए कि वह कुछ गांधी को…
आरएसएस के प्रचारक रहे चिंतक गोविंदाचार्य की किसान आंदोलन और सरकारी संपत्तियों को बेचने को लेकर राय कुछ अलग है। वे यहां सरकार की कुछ ख़ामियां भी गिनाते हैं। उनकी नज़र में सरकार…
दुनिया की कोई भी ताक़त अभी तक कोई ऐसा ‘टूलकिट’ नहीं बना पाई है जो निहत्थे नागरिकों के अहिंसक प्रतिकार को विश्वव्यापी होने से रोक सके। सर्वशक्तिमान अंग्रेज भी गांधी के ख़िलाफ़ ऐसा…
बाबा नागार्जुन, मैथिलीशरण गुप्त, शिवमंगल सिंह सुमन जैसे साहित्यकार और कवियों की कविताएं गंभीर हैं जो मन को अंदर तक भेदती हैं।
अनाड़ी बलम और नादान सजनी क्या यह जानते हैं कि आज यह इज़हार और इकरार करते ही वे दुनिया के सबसे जटिल रिश्ते में दाखिल हो रहे हैं ।
प्रियंका जानती हैं कि गंगा प्रयागराज से ही मोक्षदायिनी नगरी काशी (वाराणसी) भी पहुँचती है।
कोई ऐसे घी, तेल और मसाले का उपयोग नहीं करेंगे, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो। यह शपथ मुंहजबानी नहीं है। 400 व्यापारी यह शपथ बाकायदा 50 रु. के स्टाम्प पेपर पर नोटरी…
क्या कोई पूछना चाहेगा कि एक सौ पैंतीस करोड़ देशवासियों के भविष्य से जुड़े फ़ैसले इस वक्त कौन या कितने लोग, किस तरह से ले रहे हैं ? हम शायद अपने आप से…
‘जन-जन के बीच’ की जिस दीवार को बर्लिन की दीवार की तरह ढहा देने की बात प्रधानमंत्री ने सवा दो साल पहले ‘गुरु पर्व ‘ के अवसर पर कही थी वह तो अब…
मिंत्रा के जिस लोगो पर विवाद हुआ है उसमें कई लोगों का कहना है उन्होंने वैसा अब तक कुछ नहीं देखा, जो अश्लील हो, हां जब से यह विवाद हुआ है, वे उस…
किसान आंदोलन को तय करना होगा कि उसकी अगली यात्रा में कितने और कौन लोग मार्च करने वाले हैं! उन्हें चुनने का काम काम कौन करने वाला है? गांधी चाहते तो उनके दांडी…
महिलाओं को लेकर यूपी पुलिस की 'चिंता' काबिले तारीफ है, मगर इसमें कुछ पेंच हैं। एक और बड़ा सवाल है। क्या यह कैमरे नागरिकों की भलाई के नाम पर सरकारी निगरानी के एक…
राजदीप अम्बानी-अदाणी को हो रहे नुक़सान की चर्चा करते हुए इस बात का ज़िक्र नहीं कर पाए कि किसी भी आंदोलन का इतना लम्बा चलना क्या यह संकेत नहीं देता कि सरकार के…
स्थानीय लोगों द्वारा यह भी बताया जाता है कि इस नरसंहार में कई पशु पक्षी भी मारे गए थे जिससे इस नरसंहार में के कारण उर्मिल नदी का पानी पूरी तरह से खून…