यशपाल बेनाम की बेटी न पहली है और न आख़िरी जिसने प्रेम-पथ पर चलना चुना है। नफ़रत प्यार से हमेशा हारा है। इस बार भी हारेगा।
यह जो ‘नौजवान’ अपने सपनों को पूरा करने के लिए निकला है उसे पाउलो कोएल्हो भी सच साबित कर रहे हैं।
सरयूसुत मिश्रा राजनीति में जीत-हार के बीच बदलती सियासी धारा हिंदुत्व पर टिक गई है। कर्नाटक में कांग्रेस ने भी बजरंगबली के मंदिर बनाने का वायदा करके हिंदुत्व की धारा में बड़ी छलांग…
सीएम और डिप्टी सीएम तथा ढाई-ढाई साल सीएम का फॉर्मूला सियासत के सत्ता मोह को ही दिखाता है। संविधान से ऊपर सियासत को महत्व देना लोकतंत्र की भावनाओं का सम्मान नहीं कहा जाएगा।
लोकतंत्र में बहुमत पाने के लिए यह तरीके भले ही देर से सही लेकिन आत्मघाती ही साबित होंगे। भूल होना प्रकृति है मान लेना संस्कृति है और सुधार लेना ही प्रगति है।
अमेरिका के गृह विभाग ने सोमवार को धार्मिक आजादी की स्थिति पर भारत समेत कई देशों को लेकर रिपोर्ट जारी की थी। भारत सरकार ने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। पत्रकार पंकज…
गवर्नेंस का आधार स्तंभ आईएएस अफसर कहे जाते हैं। अगर इनके साथ ही सही काम करने की स्वतंत्रता नहीं बचेगी तो फिर सिस्टम के सामान्य हालात कैसे सुधारे जा सकते हैं?
ये हार सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी के चेहरे की हार है। आम जनता के पैसों से 42 रैलियां और 28 रोड शो के बावजूद वे 50% सीटें भी नहीं निकाल पाए।
2024 के इक्वेशंस अभी यथावत् हैं। स्टेटस-को डगमगाया नहीं है। बीजेपी अभी भी लोकसभा चुनावों में लीड कर रही है और हैट्ट्रिक के लिए तैयार है।
कर्नाटक चुनाव से बहुत पहले ओपनियन पोल और मतगणना के बाद हुए एग्ज़िट पोल कुछ वैसे ही परिणामों के संकेत दे रहे थे जैसे आज देखने को मिल रहे हैं। इससे यह निष्कर्ष…
कुल मिलाकर कर्नाटक चुनाव के नतीजों ने बीजेपी और मोदी की विभाजनकारी राजनीति को पराजित करने का मंत्र दे दिया है।
'द केरला स्टोरी' की कहानी कितनी सही है कितनी नहीं, इस पर विवाद से ज्यादा जरूरी यह है कि धर्म में धर्मांतरण के सूत्र और उपदेशों को आधुनिकता के आधार पर परिवर्तित किया…
संवैधानिक मामलों में तो लोकतांत्रिक व्यवहार इतना सटीक और सार्थक होना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करने का अवसर ही नहीं आए।
दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, जर्मनी, स्पेन, हंगरी, स्लोवेनिया, अल्बानिया, पोलैंड, बेल्जियम जैसे दुनिया के कई देश हैं, जो केंद्र और राज्यों के चुनाव एक साथ ही कराते हैं, ताकि उनके विकास की गति बाधित…
जो लोग नारी सम्मान के नाम पर ऐसी योजनाएं घोषित कर रहे हैं उन्होंने कभी यह सोचकर नहीं देखा होगा कि उतने रुपये में उनके कपड़ों की धुलाई भी संभव नहीं है।
यूपी में नगर निकाय चुनाव को हम भले ही लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल न मानें लेकिन, यह बीजेपी-कांग्रेस सहित यूपी के दो प्रमुख राजनीतिक दलों सपा और बसपा के साथ आम आदमी पार्टी…
मामला सिर्फ़ दो फ़िल्मों की सफलता-असफलता का नहीं है ! कर्नाटक चुनावों के ज़रिए स्थापित यह होने वाला है कि भाजपा-शासित राज्यों में आगे कौन सी विचारधारा चलने दी जाएगी ।
कांग्रेस और बीजेपी दोनों बजरंग बली को अपनी चुनावी जीत का आधार बनाने में जुटे हुए हैं. चुनाव परिणाम कुछ भी आए विजय बजरंग बली की ही होगी.
कार्यकर्ताओं को मान-सम्मान, गौरव और अवसर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है.
‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ के मौक़े पर क्या हम सैन्य तानाशाही के बीच भी बहादुरी के साथ अपना फ़र्ज़ अदा कर रहे मायंमार के बहादुर पत्रकारों और फ़ोटोग्राफ़रों के बुलंद हौंसलों को सलाम…