कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा डेढ़ महीने से ज्यादा समय से सफलतापूर्वक चल रही है। कन्याकुमारी से शुरू यह यात्रा महाराष्ट्र पहुंच चुकी है। इसका अगला पड़ाव मध्यप्रदेश है।
किसी भी दल में अब आन्तरिक लोकतंत्र बचा नहीं है इसलिए धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दलों का कायान्तरण औद्योगिक घरानों की तर्ज पर हो गया है।
चुनाव में कोई जीतता है तो कोई हारता है, लेकिन भ्रष्टाचार कभी भी हारता दिखाई नहीं पड़ता।
जनजातीय समाज पूरी तरह से इसे तभी गौरव मानेगा जब इसके कारण उनकी संस्कृति और उनके विकास के पैमानों को उनकी इच्छा और अनुमति से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
पाठकों के लिए ये खबर मुमकिन है ज्यादा महत्वपूर्ण न हो, लेकिन हकीकत ये है कि दुनिया के महाबली देश अमेरिका में इन दिनों भारतीय आटा संकट से दो-चार हो रहे हैं।
गरीबी के आधार पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी वर्ग आरक्षण की सुरक्षा के हकदार बन गए हैं। ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ सामान्य वर्ग की सभी जातियों को मिलेगा।
भारत में तो इलाज और दवा पर होने वाले खर्च की वजह से देश में हर साल 3 करोड़ 8 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं। सरकार ने खुद लोकसभा…
जिम्मेदार और जवाबदार पदों पर बैठे हुए लोग कई बार स्टडी के नाम पर ऐसी बात कह जाते हैं जिससे बड़ी कोई स्टुपिडिटी नहीं हो सकती। बयानों से विवादों में अक्सर राजनेता घिरते…
जब भी कोई चीज बनाई जाती है तब उसके दूरगामी परिणामों को ध्यान रखा जाता है। कई बार ऐसी गलतियां हो जाती है जो वक्त के साथ ही समझ आती हैं। मोदी सरकार…
मोदी ने गहलोत को अपना सीनियर क्या बताया, सचिन पायलट ने अशोक गहलोत की तुलना गुलाम नबी आजाद की मोदी द्वारा की गई तारीफ से कर दी।
नशामुक्ति जरूरी है लेकिन जागरुकता के साथ। होश में रहते हुए मदहोश होना भी गुनाह नहीं है और मदहोश रहते हुए होश और जोश भी नुकसान ही पहुंचाता है।
सैकड़ों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार इस घटना को हादसा माना जाए या हत्या? इसे ‘एक्ट ऑफ़ गॉड’ कहा जाए या इसे ‘एक्ट ऑफ़ गवर्नमेंट’ माना जाए? इस हादसे की अंतहीन राजनीतिक…
सच्चे इतिहास को एक मजार बनाकर सेक्युलरिज्म की चादर डाल दी गई। फिर अपने भूले-बिसरे सच को जानने की कोई जरूरत ही नहीं थी।
जितने लोग इस वेबसाइट को लेकर बीते हफ्ते परेशान रहे वे किसी मेहताब को नहीं जानते। वे लीडर को जानते हैं। और उन्हें पूरे सिस्टम पर टीका-टिप्पणी करना आसान हो जाता है।
राहुल गांधी ने 2013 में नई दिल्ली में आयोजित अनुसूचित वर्गों के सशक्तिकरण के कार्यक्रम में दिये गए भाषण में कहा था कि कांग्रेस के पास ऐसे 40-50 दलित नेता होने चाहिए जिनके…
हांगकांग की जेल में बंद मीडिया उद्योगपति जिमी लाइ एक मानवाधिकार सर्मथक हैं जिन्हें आठ हजार मील दूर वर्जीनियरा से बच्चों का सर्मथन मिल रहा है।
आजाद भारत में अपार लोकप्रियता के बावजूद पंडित नेहरू ने इस बात पर पूरा ध्यान दिया कि विपक्ष मजबूत बने और जनता के सामने हमेशा चुनने के लिए कुछ बेहतर विकल्प हो।
भारत में सत्ता संघर्ष के लिए राजनीति समझी जा सकती है लेकिन इसके लिए विदेशी धरती और विदेशी ताकतों का उपयोग भारतीय राजनीति के लिए शर्मनाक ही कहा जाएगा।
सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए जिससे कि जातियों के बीच खाई बढ़े। दलित राजनीति आज चुनावी नजरिए से हाशिए की तरफ जा चुकी है। दलितों के नाम…
क्या नफरत की बात लगातार उठाकर प्रेम की भावना पैदा हो जाएगी? बल्कि इसका उल्टा असर होने की संभावना हो सकती है। भाषणों से नहीं आचरण से नफरत मिटाने के प्रयास करने होंगे।