इंदौर नगर निगम के घोटालों के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया, पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, कई कार्यकर्ता घायल हुए, कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपा।
इंदौर। देश में स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में वायु प्रदूषण का सामना करने के लिए नगर निगम, यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) और क्लीन एयर कैटलिस्ट ने मिलकर स्वच्छ वायु संघ…
नोटिस में विजयवर्गीय के लिए लिखा है "ऐसा व्यक्ति जिसने इंदौर में लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की और देश विदेश में इंदौर का नाम खराब किय।"
कार्रवाई के दौरान पहुंचे कांग्रेस से भाजपा में आए नेता अंतर सिंह दरबार, कहा जल्द सुलझेगा छावनी का मामला
सरकारी पैसे से हो रहे पौधारोपण कार्यक्रम में भी भाजपाईयों ने लगा दिए पार्टी के झंडे तो कार्यकर्ताओं ने बनाई विपरीत गुट से दूरी
जून के महीने में ही विजयवर्गीय के करीबी भाजपा के युवा नेता की इंदौ र में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पिता का अपहरण दिखाकर परिवार से ठगे रुपए
इंदौर। इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. सेतिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत पर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव को क्यों एक बड़ी चुनौती के रूप में देखता…
विधायक ने सुबह कहा समय पर आओ शाम को डॉक्टरों ने फिर बता दिया अपना रुख़
सद्भावना मंडपम् के लिए फिर शुरू हुआ है काम, अगर अब समय पर नहीं बना तो रुक जाएगा शहर का विकास
आयोग ने परीक्षा में दो सवाल गलत पूछे थे
मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई लेकिन अब 24 मई को दोबारा सुनवाई होगी। बम पर 10 मई को वारंट जारी हुआ था।
साल 2022 में मिली थी किताब, इसे लेकर तीन प्रोफेसरों पर लगाए गए थे धार्मिक कट्टरता फैलाने के आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने कहा ऐसी किताब हमारी लाइब्रेरी में भी हो सकती है।
फीका रहा सीएम यादव का पहला कार्यक्रम, न तो स्थानीय विधायक ने भीड़ जुटाई और न ही भाजपा के नए नए नेता बने अंतर सिंह दरबार ने।
18-20 हजार लोग ही पहुंचे, स्मारक समिति के विवादों के चलते अफसर भी रहे परेशान
स्मारक समिति के सदस्यों ने सचिव राजेश वानखेड़े पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जनपद पंचायत की तैयारी केवल कागजों पर, अनुयायियों को छांव और पानी भी मिलना मुश्किल
कांग्रेस से पिछले छह चुनाव लड़ चुके दोनों नेता (दरबार पांच और शुक्ला एक) अब भाजपा की शरण में, भैया जी ने कैलाश और दीदी की अदावत के बीच तलाशी राह
प्रदेश में कुछेक सीटों पर ही कांग्रेस मजबूत दिखाई दे रही है और इनमें से एक धार-महू सीट भी है।
कमलनाथ कांग्रेसियों में भरोसा और एका नहीं बना सके जिसका नतीजा पार्टी की इस टूट में नजर आ रहा है।
कई मतदाता और कांग्रेसियों ने दरबार को एक बूढ़ा बरगद बताया, कहा उन्होंने किसी दूसरे नेता को पनपने नहीं दिया।