
इंदौर। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े आर्थिक शहर में कोरोना काल की शुरुआत से ही तमाम जागरूकता अभियान चलाए गए ताकि लोग कोविड-19 के प्रकोप से बच सकें। इसके पहले ही कोरोना से बचाव के लिए WHO ने मास्क पहनने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल को आवश्यक बताया था जिसके चलते औद्योगिक नगरी इंदौर में सूने पड़े कारोबार में जान फूंक दी।
लॉकडाउन को छोड़कर लोगों ने मेडिकल दुकानों के अलावा जगह-जगह इन्हें बेचना शुरू कर दिया। वहीं कई बड़े कारोबारी भी मास्क और सैनिटाइजर के उत्पादकों में शामिल हो गए।
इसके बाद आलम ये रहा कि जैसे-जैसे इंदौर में कोरोना ने रफ्तार पकड़ी वैसे-वैसे मास्क और सैनिटाइजर का कारोबार फलता-फूलता गया। प्रदेश के सबसे बड़े दवा बाजार का तो आलम ये था कि एक समय एन-95 मास्क और सैनिटाइजर की कमी आ गई थी।
लेकिन जैसे ही इंदौर में नवंबर माह से कोरोना का ग्राफ नीचे गिरा और न सिर्फ कोविड पॉजिटिव केस आना कम हुए बल्कि कोरोना से होने वाली मौतों का भी सिलसिला समाप्त सा हो गया और फिर मास्क और सैनिटाइजर का कारोबार दिसंबर माह के मध्य से फरवरी माह के मध्य तक ढलान पर आ गया यानी कारोबार घटकर आधे का आधा रह गया।
मेडिकल दुकान संचालित करने वाले गौरव ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सभी स्थानों पर हो गई है और केस कम होने के कारण डिमांड कम हो गई थी। वहीं अब केस बढ़ रहे हैं तो डिमांड फिर से बढ़ने लगी है। उन्होंने बताया कि जनता के लापरवाह हो जाने और जागरूकता में कमी आने के चलते भी बीच में कारोबार थम सा गया था।
जानकारों की मानें तो लोगों में आई जागरूकता की कमी और कोविड केस में कमी आने के चलते मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री 30 प्रतिशत ही रह गई थी। वहीं अब एक बार फिर से कोरोना का कहर शुरू हुआ तो इस व्यापार ने रफ़्तार पकड़ी है जिसके चलते बीते एक माह में ही मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री दोगुनी हो गई है। फिलहाल, इंदौर के सबसे बड़े दवा बाजार में दोनों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है।
इधर, मेडकिल कारोबार से जुड़े थोक विक्रेता पवन जायसवाल की मानें तो फरवरी मध्य में सेल बहुत डाउन हो गई थी लेकिन जबसे कोरोना का दूसरा चरण शुरू हुआ है तो फिर से सेल में ग्रोथ नजर आ रही है।
उन्होंने बताया कि फरवरी से तुलना की जाये तो वर्तमान में मास्क और सैनिटाइजर की सेल डबल हो गई। वहीं दूसरे फेज में लोग अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं इसलिए नियमों का पालन उनके द्वारा किया जा रहा है जिसके चलते मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।