बाग के पाडलिया में बनेगा राष्ट्रीय डायनासोर पार्क, सरकार ने बढ़ाए कदम


धार जिले के बाग क्षेत्र में डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान बनने जा रहा है। 89 हेक्टेयर में फैले इस पार्क को पर्यटन और शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Published On :

जिले के बाग क्षेत्र में स्थित डायनासोर पार्क को लेकर सालों से अटकी उम्मीदें अब फिर से जाग उठी हैं। सरकार ने इसे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। वन विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और इस प्रोजेक्ट के लिए बजट भी स्वीकृत किया गया है।

 

डायनासोर पार्क को लेकर बड़ी पहल

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में धार जिले के बाग क्षेत्र में स्थित डायनासोर जीवाश्म स्थल को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। वन विभाग इस पार्क का पुनर्निर्माण कर इसे पर्यटन और शोध के केंद्र के रूप में तैयार करेगा। 2011 में ही इस क्षेत्र को संरक्षित घोषित किया गया था, लेकिन परियोजना पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।

अब सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए 89 हेक्टेयर जमीन को डायनासोर पार्क के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस भूमि पर डायनासोर के जीवाश्म, अंडे और लाखों साल पुराने पेड़ों के अवशेष पाए गए हैं, जिनके संरक्षण और प्रदर्शन के लिए यहां फॉसिल पार्क बनाया जाएगा।

 

क्या होगा खास?

 

वन विभाग द्वारा तैयार योजना के अनुसार, इस पार्क में—

✔ 3D डायनासोर मॉडल्स

✔ टनल और रिसेप्शन हॉल

✔ म्यूजियम और वॉकवे

✔ लाइट एंड साउंड शो

✔ डायनासोर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री

 

शामिल होंगे। इससे देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को यहां अध्ययन करने का अवसर मिलेगा, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

धीमी गति से चल रहा था प्रोजेक्ट

हालांकि, यह परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी हुई थी। वन विभाग के अनुसार, अब तक यहां तार फेंसिंग और भूमि समतलीकरण का काम ही पूरा हुआ था। सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं अभी भी अधूरी हैं। धार के डीएफओ अशोक सोलंकी ने बताया कि हाल ही में भोपाल में इस प्रोजेक्ट पर विस्तृत प्रजेंटेशन दिया गया है, जिसके बाद सरकार ने इसे तेजी से विकसित करने का फैसला लिया है।

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की रुचि

बाग और उसके आसपास का क्षेत्र वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ा शोध स्थल बन चुका है। समुद्री जीवाश्मों और डायनासोर की प्रजातियों पर शोध करने के लिए देश-विदेश के वैज्ञानिक यहां दौरा कर चुके हैं। इस क्षेत्र में डायनासोर के अंडों और जीवाश्मों की खोज सबसे पहले वैज्ञानिकों द्वारा ही की गई थी, जिसके बाद सरकार ने इसे संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था।

 

वैज्ञानिक विशाल वर्मा ने कहा,

“यह सालों की मेहनत का नतीजा है कि हम डायनासोर जीवाश्मों को खोज पाए हैं। उम्मीद है कि अब सरकार इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित कर स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान करेगी।”

 

पार्क के निर्माण में क्या होगी लागत?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस पार्क के निर्माण में लगभग 50 करोड़ रुपये तक का खर्च आ सकता है। इसके लिए सरकार ने बजट स्वीकृत किया है, और जल्द ही डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी।

 

पर्यटन और आर्थिक विकास को मिलेगी गति

 

✔ बाग क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

✔ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे

✔ वैज्ञानिक और शोधकर्ता जीवाश्म अध्ययन के लिए यहां आएंगे

✔ धार जिले का नाम ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में जोड़ा जाएगा

 

बाग में पहले से ही प्राचीन गुफाएं और डायनासोर के पदचिह्न मौजूद हैं, और अब इस पार्क के विकसित होने से यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है। सरकार की इस पहल से धार जिले के विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

 



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