धार जिले में शराब ठेकों की नई तस्वीर: महंगी नीलामी और पोर्टल बंदी से ठेकेदार परेशान


धार जिले में 79 शराब दुकानें नए ठेकेदारों ने शुरू कीं, लेकिन पोर्टल बंद होने और महंगी नीलामी से बढ़ी परेशानी। जानें पूरी खबर।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Published On :

जिले में नई आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों की नीलामी और संचालन को लेकर हालात लगातार बदलते नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां 26 ग्रुपों की 79 दुकानों का संचालन नए ठेकेदारों ने संभाल लिया है, वहीं दूसरी ओर शुरुआती दिनों में आई तकनीकी बाधाओं और महंगी नीलामी ने ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल की शुरुआत ही कई नए ठेकेदारों के लिए घाटे का संकेत दे रही है।

562 करोड़ का राजस्व, फिर भी अधूरी नीलामी

जिले में अब तक शराब दुकानों की नीलामी से करीब 562 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिल चुका है। हालांकि अभी भी 3 ग्रुप की 9 दुकानों की नीलामी बाकी है। इन दुकानों के लिए लगातार दस से अधिक चरणों में टेंडर जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल पाया।

 

नई आबकारी नीति के तहत दुकानों के रिजर्व प्राइस में पहले 20% की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे शुरुआती दौर में बोली ऊंची गई। लेकिन तीसरे राउंड के बाद ही ठेकेदारों की रुचि कम होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख सरकार ने यू-टर्न लेते हुए कीमतों में 20% तक की कटौती कर दी, जिससे अब दरें पिछले साल से लगभग 4% कम हो गई हैं। बावजूद इसके कई दुकानों के लिए खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं।

पोर्टल बंद होने से पहले दिन ठप रही बिक्री

नई दुकानों के संचालन के पहले ही दिन ठेकेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शराब खरीदने के लिए आबकारी विभाग के पोर्टल पर ऑर्डर देना अनिवार्य होता है, लेकिन तकनीकी कारणों से यह पोर्टल बंद रहा।

इस वजह से ठेकेदार नई शराब खरीद नहीं सके और कई दुकानों पर पुराने ठेकेदार की बची हुई शराब ही बेचनी पड़ी। पोर्टल देर रात चालू हुआ, लेकिन तब तक दिनभर का व्यापार प्रभावित हो चुका था, जिससे ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

अभी तय नहीं हुए रेट, ग्राहकों पर पड़ सकता है असर

शुरुआती दौर में ठेकेदारों द्वारा शराब के नए रेट तय नहीं किए जा सके हैं। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार आपसी बैठक कर जल्द ही एमआरपी तय करेंगे। यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

हालांकि आबकारी विभाग की निगरानी के चलते ठेकेदार मनमाने दाम नहीं बढ़ा सकते, लेकिन लागत ज्यादा होने के कारण कीमतों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

आज 9 दुकानों की नीलामी, 86 करोड़ का लक्ष्य

जिले में बची हुई 9 दुकानों के लिए आज फिर नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इनमें गंधवानी, बगड़ी, बदनावर, बरमंडल, भैंसोला, कानवन, बिड़वाल और कचनारिया शामिल हैं। इन दुकानों के लिए सरकार ने करीब 86 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।

नए खिलाड़ियों की एंट्री, पुराने पीछे हटे

इस बार नीलामी में पुराने ठेकेदारों के साथ-साथ कई नए खिलाड़ी भी मैदान में उतरे हैं। कई जगहों पर नए और पुराने ठेकेदारों ने साझेदारी में दुकानें ली हैं। हालांकि कुछ प्रमुख स्थानों—जैसे भैंसोला, गंधवानी और बगड़ी—जहां पहले जबरदस्त प्रतिस्पर्धा होती थी, इस बार वहां बोली लगाने वालों की संख्या कम देखी गई।

 

 



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