मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। कैलारस थाना क्षेत्र के अहरौली गांव में स्थित चमड़ा माता मंदिर परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रसाद वितरण के दौरान मंदिर की निर्माणाधीन छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में तीन नाबालिग बच्चियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दंपती समेत छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर परिसर में इन दिनों मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार को मुंगावली से आए गौड़ समाज के श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और प्रसाद चढ़ाने पहुंचे थे। इसी दौरान महिलाएं और बच्चियां मंदिर के पास एकत्र थीं। तभी ऊपर चल रहे निर्माण के बीच छत का कमजोर हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। भारी मलबा गिरते ही चीख-पुकार मच गई और कई लोग उसके नीचे दब गए।
तीन मासूमों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में जिन बच्चियों की जान गई, उनकी पहचान वैष्णवी सिकरवार (11), करिश्मा गोस्वामी (9) और छाया गोस्वामी (7) के रूप में हुई है। तीनों अहरौली गांव की निवासी थीं और प्रसाद वितरण के समय मंदिर परिसर में मौजूद थीं। एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।
घायलों की हालत नाजुक
हादसे में गुंजन (12), परी (8), विद्या (6), सतीश गौड (45), उनकी पत्नी पृथ्वी गौड (40) और उनकी बेटी मानसी गौड (14) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कैलारस थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर राहत और बचाव कार्य किया गया। मृत बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो निर्माण क्षेत्र को सील किया गया था और न ही श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी पर रोका गया। यदि समय रहते सावधानी बरती जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
जांच और जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया है। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी आखिर कब तक होती रहेगी। तीन मासूम जिंदगियों की यह कीमत प्रशासन और समाज—दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

















