बोरवेल में फंसी बच्ची के रेस्क्यू की कोशिशें जारी, गुजरात की स्पेशल रोबोट टीम कर रही बच्ची को निकालने का प्रयास


गुजरात की स्पेशल टीम ने यहां पहुंचते ही बोरवेल से सृष्टि को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ पोकलेन और रॉक ड्रिल मशीन से सुबह 9 बजे तक 42 फीट बोर के समानांतर गड्ढा खोदा जा चुका है।


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भोपाल Published On :
sehore rescue team

सीहोर। बोरवेल में फंसी ढ़ाई साल की मासूम बच्ची सृष्टि को निकालने के लिए तीसरे दिन गुरुवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी है। बुधवार को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के प्रयास विफल होने के बाद बैरागढ़ ईएमई सेंटर से सेना के जवानों को बुलाया गया था।

जानकाीर के मुताबिक, सेना के जवान 300 फीट गहरे बोरवेल में 100 फीट की दूरी पर फंसी सृष्टि को रॉड हुक से 90 फीट तक ऊपर ले आए थे, लेकिन दस फीट पहले वह छूटकर गिर गई और फिसलकर करीब 150 फीट नीचे पहुंच गई।

इस असफल प्रयास के बाद सेना ने दूसरी बार प्रयास करने में अक्षमता जताई जिसके बाद दिल्ली व जोधपुर से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई है जबकि गुजरात की स्पेशल रोबोट टीम भी सुबह नौ बजे मुंगावली पहुंची।

गुजरात की स्पेशव टीम ने यहां पहुंचते ही बोरवेल से सृष्टि को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ पोकलेन और रॉक ड्रिल मशीन से सुबह 9 बजे तक 42 फीट बोर के समानांतर गड्ढा खोदा जा चुका है। जिला प्रशासन सहित एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर रेस्क्यू में जुटी हुई है।

sehore rescue operation

ग्राम मुंगावली निवासी ढाई साल की मासूम सृष्टि पिता राहुल कुशवाह छह जून को दोपहर बोरवेल में गिर गई थी और बच्ची के बोरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

बुधवार को दूसरे दिन भी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम सृष्टि को निकालने की कोशिश करती रही। सृष्टि बोरवेल में लगभग करीब 100 फीट की गहराई में थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सेना को बुलाया, जो सुबह 11 बजे मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला।

दोपहर 2 बजे के बाद बोरवेल में रॉड में हुक से निकालने के लिए रेस्क्यू किया, जिसके बाद सृष्टि हुक में फंसकर 90 फीट तक ऊपर आकर फिसल गई और करीब 150 फीट नीचे जाकर फंस गई, जिसके बाद सेना ने दूसरी बार प्रयास नहीं किया।

इधर, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी और होमगार्ड कमांडेंट कुलदीप मलिक ने बताया कि बच्ची करीब 150 फीट नीचे खिसक गई है। बोरवेल से उसे निकालने के लिए दिल्ली और जोधपुर, गुजरात से विशेषज्ञों को बुलाया गया था। विशेषज्ञों की इस टीम ने बोरवेल में गिरे कई बच्चों को निकाला है।


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